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जज को फोन करने के मामले में घिरे BJP विधायक संजय पाठक, कोर्ट ने माना- यह जानबूझकर की गई अवमानना, फैसला सुरक्षित 65 करोड़ से फोर लाइन बनेगी चरगवां रोड, नरसिंहपुर आने-जाने में लगेगा कम समय राज्यपालों के लिए कोई समय सीमा नहीं, कोई अंतहीन देरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रपति संदर्भ की राय की व्याख्या | व्याख्याकार समाचार नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली | भारत समाचार ‘केवल तीन लोगों ने ही यह किया है’: भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान के शिखर पर है, ‘पापा ब्रावो नायर’ कहते हैं |विशेष | भारत समाचार अमेरिका ने भारत को भाला बेचने की मंजूरी दी: मिसाइल क्या है और नई दिल्ली की रक्षा के लिए इसका क्या मतलब है | व्याख्याकार समाचार

जज को फोन करने के मामले में घिरे BJP विधायक संजय पाठक, कोर्ट ने माना- यह जानबूझकर की गई अवमानना, फैसला सुरक्षित

जबलपुर। बीजेपी विधायक और खनन कारोबारी संजय पाठक के एक जज को फोन करने के मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट आर्यन उरमलिया ने बताया कि चीफ जस्टिस की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट

जज को फोन करने के मामले में घिरे BJP विधायक संजय पाठक, कोर्ट ने माना- यह जानबूझकर की गई अवमानना, फैसला सुरक्षित

जबलपुर। बीजेपी विधायक और खनन कारोबारी संजय पाठक के एक जज को फोन करने के मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट आर्यन उरमलिया ने बताया कि चीफ जस्टिस की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए माना कि संजय पाठक ने जानबूझकर न्यायालय की अवमानना की है। सुनवाई के दौरान खुद विधायक ने कोर्ट में अपना एफिडेविट (हलफनामा) पेश कर कॉल करने की बात स्वीकार कर ली है। एडवोकेट आर्यन उरमलिया के अनुसार, संजय पाठक ने अदालत में जो हलफनामा दिया है, उसमें कई अहम खुलासे हुए हैं। विधायक ने स्वीकार किया कि जज को कॉल करने के बाद उन्होंने उन्हें मैसेज भी किया। मैसेज के जरिए उन्होंने जज को अपनी पहचान भी बताई

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