अटूट रिश्ते का जश्न, कहां का है ये समलैंगिक कपल, जो शादी के 20 साल पूरे होने को कर रहा सेलिब्रेट

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पुणे: महाराष्‍ट्र का पुणे शहर एक बार फ‍िर गजब आयोजन (Pune Gay Couple) का गवाह बना। शनिवार को केशवबाग फार्म की हरियाली में एक अलग समारोह हुआ। जो क‍ि समलैंगिक कपल समीर (Sameer Samudra) और अमित गोखले (Amit Gokhale) के ‘रिलेशनशिप कमिटमेंट’ (Commitment Ceremony Wedding) को लेकर हुआ। दरअसल पुणे के समीर और डोंबिवली के अमित पिछले 20 सालों से समलैंगिक रिश्ते में हैं। समीर ने हमारे सहयोगी ‘महाराष्ट्र टाइम्स’ को बताया कि इस लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते का जश्न मनाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

​कौन हैं गे कपल समीर और अम‍ित?

दरअसल समीर और अमित दोनों अमेरिका में काम करते हैं। दोनों ने पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग शहर में कानूनी तौर पर शादी कर ली है। लेकिन उस समय उनके माता-पिता और रिश्तेदार मौजूद नहीं थे। उधर, कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को लेकर अपना फैसला सुनाया था। संविधान पीठ ने कहा था कि इन शादियों को इजाजत नहीं दी जा सकती। क्योंकि कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है। अदालतों के पास नहीं। इस मामले में याचिकाकर्ताओं में समीर और अमित भी शामिल थे।

जश्‍न में कौन हुआ शाम‍िल

दोनों ने कहा क‍ि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दोनों को न‍िराश कर दिया। कहा क‍ि भले ही समान-लिंग विवाह कानूनी नहीं है। समान-लिंग संबंध संरक्षित हैं और एलजीबीटीक्यू समुदाय में कोई भी व्यक्ति जो एक-दूसरे से प्यार करता है, वह रिश्ते का जश्न मना सकता है। यही इस समारोह के पीछे मुख्य मकसद था। समारोह में करीबी रिश्तेदारों, दोस्तों और पुणे के एलजीबीटीक्यू समुदाय के कुछ कार्यकर्ताओं सहित 95 लोगों ने भाग लिया।

​समीर-अम‍ित ने क‍िए सात वादे

समीर और अमित ने बताया क‍ि कार्यक्रम में दोनों ने अपने 20 साल लंबे रिश्ते और एक-दूसरे के लिए अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात की। दोनों ने एक दूसरे से सात वादे किये। हर वादे के बाद एक दीया जलाया। दोनों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई। साथ ही एक-दूसरे के गले में मालाएं डालीं। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मराठी व्यंजनों का आनंद लिया जो भोज में जरूरी थे।

​20 साल के र‍िश्‍ते पर की बात

दोनों के रिश्तेदारों ने समीर और अमित को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई आमंत्रित लोग अपने छोटे बच्चों को लेकर आये। वहां वैसा ही घरेलू माहौल था जैसा किसी पारिवारिक समारोह में होना चाहिए। लोग सहजता से व्यवहार कर द‍िखे। समीर ने कहा कि वह यह देखकर संतुष्ट हैं कि 20 सालों में उनके रिश्ते के साथ-साथ समाज भी बदल गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बिना किसी बंद हॉल के खुले मैदान में आयोजित किया गया था क्योंकि रुख यह था कि एलजीबीटीक्यू रिश्तों को समाज की ओर से खुले तौर पर स्वीकार किया जाना चाहिए।

​एलजीबीटीक्यू समुदाय पर क्‍या बोले​

समीर ने कहा क‍ि पुणे शहर और राज्य में एलजीबीटीक्यू समुदाय के कई लोग आज भी समाज के सामने आने की हिम्मत नहीं रखते। क्योंकि समाज अभी भी इस रिश्ते को सकारात्मक नजरिए से नहीं देखता है। अमित और समीर को लगता है कि इस समारोह से एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि ऐसे रिश्ते परिवार और समाज द्वारा आसानी से स्वीकार किए जाते हैं और लंबे समय तक चल सकते हैं।

​जिम्मेदारी एलजीबीटीक्यू समुदाय की है​

कार्यक्रम के आयोजन में एलजीबीटीक्यू समुदाय के पेशेवर शामिल थे। एलजीबीटीक्यू समुदाय के पेशेवरों ने कार्यक्रम के फिल्मांकन, समीर और अमित की वेशभूषा और मेकअप का काम संभाला।

​यह थोड़ा तनावपूर्ण था, लेकिन…

पुणे शहर में यह पहली बार था कि समलैंगिक संबंधों का सार्वजनिक रूप से जश्न मनाने के लिए इस तरह का आयोजन किया जा रहा था। इसलिए थोड़ा दबाव था। कुछ वकीलों ने यह भी सलाह दी थी कि ऐसा कार्यक्रम न करें, अगर करें भी तो माला आदि न पहनें। लेकिन समीर और अमित ने योजना के अनुसार कार्यक्रम को अंजाम देने का फैसला किया। आयोजन स्थल के कर्मचारी और मालिक भी बहुत सहयोगी थे।

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