उत्तरकाशी सुरंग में रैट माइनर्स, अंधेरी स्केप टनल में जिंदगी की रोशनी…. बस आने वाली है खुशखबरी

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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज गति से चलाया जा रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने भी स्केप टनल बनाने से लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन के हर पहलू के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने फोन पर मजदूरों का हाल-चाल जाना। उन्होंने दूसरी बार सीएम धामी को फोन कर अहम निर्देश दिए। सोमवार की शाम से शुरू हुआ मैनुअल माइनिंग का काम काफी तेज गति से चल रहा है। जैसे-जैसे रेस्क्यू टीम आगे बढ़ रही है, हर कोई इसको लेकर उत्साहित दिख रहा है। उत्तराखंड सरकार की ओर से टनल में चल रहे ऑपरेशन पर प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी गई। सरकार के अधिकारी ने कहा कि हमने अभी कोई ऑप्शन बंद नहीं किया है। सभी ऑप्शन पर काम चल रहा है। स्केप टनल की खुदाई का काम तेज गति से पूरा कराया जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि स्केप टनल के लिए 55.3 मीटर खुदाई का काम हो चुका है। अब टनल में फंसे 41 मजदूर 2 मीटर से भी कम दूरी पर हैं। मैनुअल ड्रिलिंग का काम लगातार जारी है।
उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने कहा कि मजदूरों को बाहर निकालने की उम्मीद है। उन्हें यहां से निकाल कर सीधे अस्पताल ले जाया जाएगा। एक-एक कर मजदूर टनल से बाहर निकाले जाएंगे। शाम तक सभी मजदूरों के बाहर आने की उम्मीद है। वहीं, इससे पहले सिल्क्यारा टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक्सपर्ट आर्नोल्ड डिक्स ने इस मामले में कहा है कि आज हम खुश हैं। हम उत्साहित हैं। टनल में फंसे श्रमिकों तक बस पहुंचने वाले हैं। हमारी उम्मीद है कि सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाला जााएगा। उन्हें उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। परिवार के लोग जल्द अपने परिजनों से मिल सकेंगे। मजदूरों को निकालने के बाद की तमाम तैयारियों को भी शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू टीम ने अभियान में जुटे लोगों को टनल में फंसे मजदूरों का कपड़ा और अन्य सभी सामान रेडी रखने के लिए कहा है। फंसे मजदूरों को भी रेडी रहने के लिए कह दिया गया है। चिन्यालीसौड़ अस्पताल रेडी मोड पर है। डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।

कुछ कदमों की दूरी पर हैं मजदूर
सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 मजदूर अब बस कुछ कदमों की दूरी पर हैं। दावा किया जा रहा है कि 55 मीटर खुदाई का काम पूरा कर लिया गया है। 57 मीटर पर मजदूर हैं। दरअसल, 12 नवंबर को सुबह 4 बजे चारधाम मार्ग में बन रहे सिल्क्यारा टनल में लैंड्समाइनिंग के कारण 41 मजदूर फंस गए। इन मजदूरों को टनल से बाहर निकालने के लिए पिछले 17 दिनों से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान राज्य सरकार और केंद्र सरकार लगातार समन्वय बनाकर काम करती दिख रही है। सभी 41 जानों को सुरक्षित बाहर निकालने पर जोर दिया जा रहा है। स्केप टनल के साथ वर्टिकल खुदाई का काम भी किया जा रहा है। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि स्केप टनल से मंगलवार को ही मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है।
रैट माइनर्स ने बदल दी तस्वीर
सिल्क्यारा टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीर रैट माइनर्स टीम ने बदल दी। रैट माइनर्स टीम लगातार सोमवार से काम कर रही है। सोमवार की शाम से शुरू हुए रैट माइनर्स के ऑपरेशन के बाद 41 मजदूरों को जल्द निकालने की उम्मीद बढ़ गई थी। रैट माइनर्स को लोग सवाल कर रहे हैं कि जो काम अमेरिकी ऑगर मशीन नहीं कर पाई, वह रैट माइनर्स किस प्रकार कर रहे हैं? इस पूरे प्रोसेस का एक वीडियो सामने आया है। इसमें रैट माइनर्स स्केप टनल में भीतर जाकर हाथ से मलबे को खोद रहे हैं। इसके बाद जमा होने वाले शिल्ट को लेने के लिए बाहर से ट्रॉली खींचते हैं। उसमें शिल्ट भरते हैं। बाहर में खड़े अन्य माइनर्स इस शिल्ट को खींच रहे हैं।

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