कौन हैं 18 साल के जॉयदेब देब, जिसके आगे चेतेश्वर पुजारा के दिग्गजों ने घुटने टेक दिए

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बेंगलुरु: अनुभवी भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा की मौजूदगी के बाद भी गत चैंपियन सौराष्ट्र को विजय हजारे ट्रॉफी राष्ट्रीय एकदिवसीय टूर्नामेंट के ग्रुप ए मैच में सोमवार को त्रिपुरा के खिलाफ 148 रन के बड़े अंतर से शिकस्त का सामना करना पड़ा। गणेश सतीश (74 गेंद में 71) सुदीप चटर्जी (93 गेंद में 61 रन) और बिक्रम कुमार दास (76 गेंद में 59 रन) की अर्धशतकीय पारियों से त्रिपुरा ने आठ विकेट पर 258 रन बनाने के बाद जॉयदेब देब (15 रन पर पांच) की शानदार गेंदबाजी से सौराष्ट्र की पारी को 31.4 ओवर में महज 110 रन पर समेट दिया।

अनुभवी बाएं हाथ के गेंदबाज जयदेव उनादकट ने सौराष्ट्र के लिए 35 रन देकर पांच विकेट चटकाए पर टीम को इसका कोई फायदा नहीं हुआ। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र को तेज गेंदबाज मूरा सिंह ने दो और राणा सिंह ने शुरुआत में बडे झटके दिए, जिससे महज 13 रन के स्कोर तक हार्विक देसाई, शेल्डन जैक्सन और चिराग जानी पवेलियन लौट गए। पुजारा (24) और अर्पित वासवडा (16) ने चौथे विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी कर मैच में टीम की वापसी कराने की कोशिश की।

बिक्रम देबनाथ ने पुजारा को पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा जिसके बाद टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। 18 साल के जॉयदेब ने विश्वराज जडेजा (4) को बोल्ड किया तो प्रेरक मांकड़ (21) को मुरासिंह के हाथों लपकवाया। धर्मेंद्रसिंह जडेजा (11) को LBW करते हुए अपना तीसरा विकेट झटका तो पर्थ भट (21) और जयदेव उनादकट को भी चलता किया। इस तरह इस युवा गेंदबाज ने सिर्फ 15 रन देकर 5 विकेट झटकते हुए चेतेश्वर पुजारा के चैंपियनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

जॉयदेब देब अपने करियर का सिर्फ दूसरा लिस्ट ए मैच खेल रहे थे। उन्होंने इससे पहले सिक्किम के खिलाफ 12 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। माना जा रहा है कि इस पेसर पर इस बार आईपीएल ऑक्शन में बड़ी बोली लग सकती है। उम्मीद की जा रही है कि वह भारत के लिए भी भविष्य के बड़े गेंदबाज साबित हो सकते हैं। हालांकि, कई बार ऐसा देखने को मिला है कि खिलाड़ी वन डे वंडर भी साबित होता है।

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