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बिहार से बंगाल तक टीचरों की बल्ले-बल्ले, लोकसभा चुनाव से पहले सरकार का ‘स्पेशल गिफ्ट’

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कोलकाता: बिहार में टीचर भर्ती का विज्ञापन बुधवार को जारी कर दिया गया। ये विज्ञापन नियोजित शिक्षकों और नौकरी मिलने के इंतजार में बैठे शिक्षक अभ्यर्थियों के विरोध के बावजूद जारी किया गया। वहीं उत्पाद विभाग में भी 1500 से अधिक पदों पर नियुक्ति की बिहार की कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने 25 हजार शिक्षकों की शीघ्र ही बहाली की घोषणा की है। महाराष्ट्र में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम के अलावा राज्य सरकार भी अब 6 हजार रुपये हर साल देगी। यानी महाराष्ट्र के किसानों को अब साल में 12 हजार रुपये की सरकारी मदद मिलेगी। झारखंड में भी शिक्षकों की बहाली का दौर शुरू हो गया है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा या गैर भाजपा शासित सभी राज्यों में लोगों को ‘स्पेशल गिफ्ट’ देने की कवायद शुरू हो गई है।

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का मिला मौका
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने आखिरकार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन जारी कर दिया। प्राइमरी से लेकर प्लस टू स्कूलों में 1,70,461 पदों पर वैकेंसी निकाली गई है। शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थी, जो सरकार द्वारा तय मानक पर खरे उतर रहे हों, वे अब आवेदन कर सकते हैं। 15 जून से ऑनलाइन आवेदन (Online Application) किए जा सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 12 जुलाई 2023 है। शिक्षक भर्ती के लिए बीपीएससी लिखित परीक्षा लेगा। परीक्षा की तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं। लिखित परीक्षा इसी साल 19, 20, 26 और 27 अगस्त 2023 को होगी।

तेजस्वी ने 10 लाख नौकरियों का किया था वादा

सितंबर 2022 में बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी। विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी ने सरकार बनने पर 10 लाख नौकरी देने का वादा किया था। अब वे बिहार के डेप्युटी सीएम हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी के वादे के बाद सीएम नीतीश कुमार ने 20 लाख रोजगार का वादा किया था। साल 2022 में जब महागठबंधन की सरकार बनी तो यह मांग जोर शोर से उठाई जाने लगी, खासकर शिक्षक नियुक्ति की मांग। सरकार ने कहा था कि शिक्षक नियुक्ति नियमावली बन जाने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। नियमावली का जो प्रस्ताव कैबिनेट के लिए तैयार किया गया, उसके कई बिंदुओं को शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने पहले ही लीक कर दिया। नतीजतन कुछ दिन और मामला टल गया था।

पश्चिम बंगाल में 25000 शिक्षकों की होगी बहाली

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राज्य में 25,000 शिक्षकों की नियुक्ति जल्द करने की घोषणा की है। हालांकि पिछली नियुक्तियों में गड़बड़ी की सूचनाएं सामने आने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी है। ईडी और सीबीआई की जांच में शिक्षकों की नियुक्ति में पैसे के लेनदेन का मामला सामने आया था। शिक्षक नियुक्ति में घोटाले के आरोप में बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी लंबे वक्त से जेल में हैं। इस मामले में टीएमसी के कई और नेताओं की संलिप्तता उजागर हुई है।

बंगाल में नियुक्ति घोटाला बन गया है बड़ा मुद्दा

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के पिछले कार्यकाल में जितनी नियुक्तियां हुई हैं, सबमें घोटाले के आरोप लगते रहे हैं। सबसे पहले शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर पैसे के लेन-देन का मामला तब सामने आया, जब ईडी ने शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता के घर छापे में करोड़ों की नकदी और संपत्ति पकड़ी। मामला कलकत्ता हाईकोर्ट में गया तो जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई की रिपोर्ट से पता चला कि पैसे देकर और पैरवी से नौकरी पाने वालों की संख्या 32,000 है। सभी ने प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए पैसे दिए थे। हाईकोर्ट ने झटके में 32,000 नियुक्तियां रद्द कर दीं। पार्थ चटर्जी साल 2014 से 2021 तक बंगाल के शिक्ष मंत्री थे। उनकी गिनती ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेताओं में होती है। वे पार्टी के महासचिव भी हैं। पार्थ कांग्रेस के टिकट पर पहली बार 2001 में एमएलए निर्वाचित हुए थे। बाद में वे ममता बनर्जी के साथ आ गए। उन्हें ममता का बेहद करीबी बताया जाता है। ग्रुप ‘सी’ में कार्यरत 842 लोगों की नौकरी भी हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। दमकल विभाग में नियुक्त 203 लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। नगरपालिका की नियुक्तियों में भी धांधली का आरोप ममता सरकार पर लगा है।

महाराष्ट्र में किसानों को मिलेंगे अब 12 हजार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पहले किसानों को हर साल 6 हजार रुपये मिलते थे। अब उन्हें महाराष्ट्र की शिंदे सरकार भी 6 हजार रुपये देगी। यानी हर साल सरकारी मदद के रूप में किसानों को अब साल में 12 हजार रुपये मिलेंगे। एकनाथ शिंदे की सरकार ने बजट में पहले से ही इसका प्रावधान कर रखा था। शिंदे की कैबिनेट ने नमो शेतकारी महा सम्मान योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से महाराष्ट्र के एक करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा। राज्य सरकार से किसानों को तीन किश्तों में यह रकम मिलेगी। यानी हर तिमाही 1500 रुपये किसानों के खाते में जाएंगे। किश्तों में ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम भी मिलती है।

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