मौसम का मिजाज बिगड़ा, सर्दी में रिमझिम वर्षा, बढ़ी सिहरन

65
0

 जबलपुर। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के असर से सोमवार को जबलपुर में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। सुबह से बादल छाए रहे। शाम हुई तो पहले बूंदाबांदी और फिर सर्दियों में सावन सी रिमझिम होने लगी। रूक-रूक कर देर रात तक वर्षा का दौर जारी रहा। सर्दी में वर्षा का मेल होने सिहरन बढ़ गई। शाम छह बजे से रात आठ बजे तक 01.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के मुताबिक गुजरात एवं उससे लगे हुए राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र मजबूती से बना हुआ है इसके असर से 28 और 29 नवंबर को भी कुछ स्थानों पर वर्ष की संभावना है। जबलपुर सहित संभाग के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

तेज बौछारों से वातावरण ठंडक

दिन भर आसमान पर बादलों के अठखेलियों के बीच शाम होते ही बादल बरस पड़े। रूक-रूक कर देर रात तक कभी रिमझिम तो कभी तेज बौछारों से वातावरण ऐसी ठंडक घुली कि लोग सिहर उठे। सीजन के पहले मावठे (सर्दियों में होने वाली वर्षा) से रात में अचानक ठिठुरन बढ़ गई। ठंड से बचने जहां लोग गर्म कपड़ाें से लिपटे दिखे वहीं अलाव का सहारा भी लेते दिखे। मौसम विभाग की माने तो अगले 24 घंटे के दौरान जबलपुर सहित संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अभी 30 नवंबर तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

तीन डिग्री गिरा दिन का पारा, शीतलहर भी चली

सोमवार को सुबह से ही मौसम की रंगत बदली रही। आसमान में बादल छाए रहे। बादलों के बीच शीतलहर का अभाष भी होता रहा। वातावरण में दिन भर ठंडक घुली रही। शाम होते ही मौसम बादल गहरा गए और बूंदाबांदी के साथ रिमझिम वर्षा का दौर शुरू हो गया। मावठा ने राह चलते लोगों को भीगा दिया। देर रात तक रूक-रूक कर हुई वर्षा से वातावरण में ठंड का अहसास बढ़ गया और लोग सिहर उठे। दिन का तापमान भी सामान्य से चार डिग्री तक लुढ़क गया। हाालंकि रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक बढ़ गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री से कम होकर 23.5 डिग्री पर आ गया हालांकि न्यूनतम तापमान बादल और हवा में घुली नमी से 9.7 से तीन डिग्री से बढ़कर 13.5 डिग्री पर पहुंच गया।

चार मौसमी प्रणालियां सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में कच्छ के आसपास हवा के ऊपरी भाग में 12 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक शक्तिशाली द्रोणिका बनी हुई है। गुजरात के आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। पाकिस्तान के मध्य में एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इस अतिरिक्त उत्तरी मध्यप्रदेश के मध्य में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इन चार मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर सहित संभाग के जिलों में भी वर्षा दर्ज की जा रही है। 28 नंवबर को भी गरज-चमक के साथ वर्षा का येला अलर्ट जारी किया गया है। 30 नवंबर के बाद मौसम साफ होने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here