रिटायरमेंट की उम्र में नया बिजनस शुरू करेंगे जैक मा, रईसी में मुकेश अंबानी को छोड़ा था पीछे

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चीन के अरबपति जैक मा 59 साल की उम्र में एक नए बिजनस में हाथ आजमाने जा रहे हैं। उन्होंने हाल में Hangzou Ma’s Kitchen Food की स्थापना की है। यह कंपनी पैकेज्ड एग्रीकल्चरल प्रॉडक्ट्स का बिजनस करेगी। मार्च 2020 में जैक मा रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पछाड़कर एशिया के सबसे बड़े रईस बन गए थे। लेकिन अक्टूबर 2020 मे चीन की सरकार के बारे में दिए गए एक बयान के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई थी। एंट ग्रुप पर अब उनका कंट्रोल नहीं रह गया है। एंट ग्रुप चीन की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा की सहयोगी है। जैक मा के फर्श से अर्श पर पहुंचने की कहानी पर एक नजर…

​KFC ने किया रिजेक्ट

जैक मा का जन्म 10 सितंबर, 1964 को हुआ था। बचपन से ही उन्हें अंग्रेजी का चस्का लग गया था। नौ साल की उम्र में वह टूरिस्ट्स को गाइड करने के लिए 27 किमी साइकिल चला कर जाया करते थे। इस तरह वह अपनी इंग्लिश को दुरुस्त करते थे। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने इंग्लिश टीचर के रूप में करियर शुरू किया। 30 जगह नौकरी के लिए आवेदन दिया लेकिन निराशा मिली। पुलिस में भी भर्ती होने की कोशिश नाकाम रही। चीन में जब KFC की ब्रांच खुली तो जैक मा भी इंटरव्यू देने पहुंच गए। दिलचस्प बात है कि 24 में से 23 लोगों को चुना गया और जैक मा रिजेक्ट हो गए।

​अमेरिका जाकर ज्ञान

अमेरिका की एक यात्रा ने उनके जीवन की धारा बदल दी। साल 1995 में वह अपने दोस्तों के साथ अमेरिका गए। वह उन्होंने देखा कि इंटरनेट पर चीन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लौटकर उन्होंने इंटरनेट कंपनी शुरू की। इसे निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया। उन्हें कंप्यूटर की कोई खास जानकारी नहीं थी लेकिन उन्होंने ऑनलाइन बिजनस शुरू किया। साल 1999 में जैक मा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अलीबाबा की स्थापना की। शुरू में तो चीन के लोगों ने उन्हें ठग समझा लेकिन धीरे-धीरे इंटरनेट के विस्तार से अलीबाबा का कारोबार भी बढ़ने लगा।

​कई कंपनियां बनाई

मा ने कई कंपनियों की स्थापना की। इनमें Taobao Marketplace, Alipay, Ali Mama और Lynx शामिल हैं। पेटीएम की तरह अलीपे ऑनलाइन पेमेंट कंपनी है। इस कंपनी ने चीन में कैश, चेक और क्रेडिट कार्ड को काफी हद तक खत्म कर दिया है। अमेरिका की कंपनी eBay ने Taobao को खरीदने का ऑफर दिया था लेकिन मा ने इसे ठुकरा दिया। याहू के कोफाउंडर Jerry Yang ने भी Taobao ने एक अरब डॉलर का निवेश किया था। जैक मा ने जिस भी बिजनस में हाथ आजमाया, उसमें दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति की।

​अंबानी को पछाड़ा

सितंबर 2014 में अलीबाबा अमेरिका में 25 अरब डॉलर का आईपीओ लाई और एक झटके में दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की जमात में शामिल हो गई। यह अमेरिका का इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ था। इसके बाद मार्च 2020 में वह मुकेश अंबानी को पछाड़कर एशिया के सबसे बड़े रईस बन गए। लेकिन उसी साल अक्टूबर में जैक मा का एक बयान उनके लिए गले की हड्डी बन गया। उन्होंने चीन के बैंकों पर साहूकारों जैसी मानसिकता रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही उनकी कंपनियों एंट और अलीबाबा के बुरे दिन आ गए।

​नेटवर्थ में गिरावट

चीन सरकार ने एंट के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को बंद कर दिया था। साथ ही अलीबाबा पर भी 2.8 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया था। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ अब 29.2 अरब डॉलर रह गई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 48वें नंबर पर खिसक गए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 2.97 अरब डॉलर की गिरावट आई है। वह चीन के अमीरों की लिस्ट में छठे स्थान पर खिसक गए हैं।

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