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बिहार में 2024 के लिए भाजपा की स्ट्रैटजी:35 लोकसभा सीटों का टारगेट

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बिहार में नीतीश से झटका खाने के बाद भाजपा मिशन 2024 की तैयारी में जुट गई है। दिल्ली में कोर कमेटी की बैठक में पार्टी ने बिहार की 40 में से 35 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भाजपा 2014 की तरह NDA गठबंधन में छोटी-छोटी पार्टियों को भी जोड़ने की कोशिश करेगी।

पिछले 9 अगस्त को बिहार में भाजपा और नीतीश कुमार की पार्टी JDU के बीच गठबंधन टूट गया था, जिसके बाद नई रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में मंगलवार को बैठक हुई थी। बैठक में बिहार भाजपा के सभी बड़े नेताओं के साथ गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे।

नीतीश को सियासी मात देने के लिए भाजपा का प्लान क्या है

    • बिहार में भाजपा ‘पोल खोल नीतीश कुमार’ अभियान चलाएगी। शाह और नड्डा रैली भी करेंगे। इसमें बढ़ते अपराध के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
    • भाजपा टूटी हुई लोजपा को फिर से जोड़ने पर काम करेगी। चाचा पशुपति पारस और भतीजा चिराग पासवान को फिर से एक छत के नीचे लाया जाएगा।
    • भाजपा संगठन और सदन में नए चेहरे को लाने की तैयारी में है, जिससे नीतीश कुमार से सीधी लड़ाई लड़ी जाए। पार्टी अपरकास्ट पर विशेष फोकस केरगी।

RCP सिंह और अपर कास्ट पर BJP की नजर
नीतीश के सहयोगी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह पर भी भाजपा की नजर है। सियासी गलियारों की चर्चा के मुताबिक सिंह 2024 में नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा से चुनाव लड़ सकते हैं। हाल ही में उन्होंने JDU से इस्तीफा दिया था। इधर, बिहार कैबिनेट में अपर कास्ट को कम प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा भी भाजपा उठाने की तैयारी में है।

बिहार पर विशेष फोकस क्यों?
बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। साथ ही UP, झारखंड और बंगाल बॉर्डर जुड़े होने की वजह से 10 और सीटों को यहां के मतदाता प्रभावित करते हैं। इसलिए बिहार को लेकर पॉलिटिकल पार्टियों का विशेष फोकस रहता है।

अब जानिए नीतीश का काउंटर प्लान क्या है?
नीतीश कुमार और उनकी पार्टी JDU महागठबंधन के साथ मिलकर 2024 के लिए 40 सीट जीतने का प्लान तैयार किया है। इसके लिए बिहार की 40, झारखंड की 14 और बंगाल की 10 सीटें हैं। JDU के पास वर्तमान में 16 सीटें हैं। नीतीश की कोशिश है कि बिहार के जिन सीटों पर भाजपा कम मार्जिन से चुनाव जीती है, उन सभी सीटों पर महागठबंधन को मजबूती से लड़ाया जाए।

    पिछले दिनों भाजपा से जब नीतीश अलग हुए थे, तो उन्होंने महागठबंधन के नेताओं से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि बिहार में एक-एक सीट पर सभी दल मिलकर काम करेंगे और 2024 में भाजपा को एक भी सीट पर कामयाब नहीं होने देंगे।

 

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