पुण्यतिथि : ‘मधु का श्री गुरूजी! बन जाना’

'मधु का श्री गुरूजी! बन जाना' ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय  संस्कृति में आक्रमण और वर्षों की परतन्त्रता के कारण कमजोर और दैन्य हो चुके हिन्दू समाज...

ज्ञानवापी क्या कह रही है ?

ज्ञानवापी क्या कह रही है? - विजय मनोहर तिवारी यह भारत में कानून के राज और प्रतिष्ठा का एक और उदाहरण है कि एक स्वयंसिद्ध मामला...

महान सम्राट : महाराणा प्रताप के पूर्वजों की शौर्यगाथा

महाराणा प्रताप के पूर्वजों की शौर्यगाथा -प्रियांशु सेठ सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी राजाओं की सन्तान ही राजपूत लोग हैं। मेवाड़ के शासनकर्त्ता सूर्यवंशी राजपूत हैं। ये लोग...

जनक सुता : जगज्जननी

जनक सुता : जगज्जननी  ~मुदित अग्रवाल यह जनकसुता कौन हैं, जिस अग्नि की उपासना करते करते द्विजों का देह स्वेद से तर हो गया है और...

लोकरक्षक भगवान परशुराम

लोकरक्षक भगवान परशुराम ~इन्दुशेखर तत्पुरुष पुराणों के अनुसार भगवान परशुराम विष्णु के छठे अवतार हैं। अधर्म के विनाश तथा धर्म की संस्थापना के लिए उन्होंने अपने...

मानसिक स्वास्थ्य की परवाह क्यों नहीं…?

मानसिक स्वास्थ्य की परवाह क्यों नहीं? ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल  विश्व के बदलते हुए परिदृश्य के साथ ही अनेकानेक संकटों से समाज जूझ रहा है।स्वास्थ्य सुविधाओं की...

जैसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

जैसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ~विजय मनोहर तिवारी वाराणसी में विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर कहीं खुशी के आंसू बहे हैं तो कहीं मातम के। असली-नकली का फर्क...

केदारनाथ में आदि शंकराचार्य

केदारनाथ में आदि शंकराचार्य ~विजय मनोहर तिवारी केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा कुछ स्मरण करा रही है। वह भारत पर चढ़ा एक ऐसा ऋण है,...

‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है

‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी,...

चित्रकूट की राम कहानी ; जहाँ आकर सत्ता भी पदकंदुक बनकर रह गई थी!

चित्रकूट की राम कहानी ; जहाँ आकर सत्ता भी पदकंदुक बनकर रह गई थी! -जयराम शुक्ल कामदगिरि की परिक्रमा और रामनाम के जाप के साथ नेता...
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