स्वामी विवेकानंद : आधुनिक भारत के राष्ट्रपुरुष

स्वामी विवेकानंद : आधुनिक भारत के राष्ट्रपुरुष ―इन्दुशेखर तत्पुरुष आधुनिक विश्व को भारतीयता से परिचित कराने और प्रभावित करने वाले भारतीयों में सर्वाधिक योगदान स्वामी विवेकानंद...

आर्द्रा तारा ―सुशोभित 

आर्द्रा तारा ―सुशोभित  कुछ दिनों पहले मैंने कहीं पढ़ा कि आर्द्रा तारा मर रहा है। यह सुनकर मुझे एक कोमल, पवित्र-सा विषाद हो आया। विषाद का...

संस्कृत का शास्त्र-निरपेक्ष शुद्ध साहित्य; नाटक : भवभूति और उनका उत्तररामचरितम्‌

संस्कृत का शास्त्र-निरपेक्ष शुद्ध साहित्य; नाटक : भवभूति और उनका उत्तररामचरितम्‌ ―कमलाकांत त्रिपाठी  भवभूति और उनका उत्तररामचरितम्‌ (क) भवभूति और एको रस: करुणमेव का संदर्भ कालिदास प्रकृति और...

गुरुनानक देव : सनातन धर्म संस्कृति के विराट दर्शन

गुरुनानक देव : सनातन धर्म संस्कृति के विराट दर्शन ―कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय सनातन धर्म- संस्कृति के कालजयी अतीत में दृष्टिपात करने पर हम पाते हैं...

हम हिन्दू : सहजधारी सिख ―अभिजीत सिंह

हम हिन्दू : सहजधारी सिख ―अभिजीत सिंह जबसे श्रीहरिमंदिर साहिब में उनको इबादतार्थ अनुमति देने और शाहीन बाग़ में लंगर की ख़बरें आईं तबसे हिन्दुओं के...

द्रौपदी ने कभी कहा ही नहीं ‘अंधे का बेटा अंधा’ ―डॉ. विवेक चौरसिया

द्रौपदी ने कभी कहा ही नहीं 'अंधे का बेटा अंधा' ―डॉ. विवेक चौरसिया महाभारत को लेकर लोक में प्रचलित भ्रांतियों में सबसे अधिक आपत्तिजनक और अक्षम्य...

हे!गौमाता हमें तुम कभी क्षमा!न करना ―कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल

हे!गौमाता हमें तुम कभी क्षमा!न करना ―कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल प्रायः हम गोधूलि बेला के बारे में हम सब सुनते हैं किन्तु क्या कभी हमने गहराई से...

जनजातीय गौरव दिवस  विशेष-रामायण ; वनवासियों के मुक्ति संघर्ष और विजय की अमरकथा

जनजातीय गौरव दिवस  विशेष-रामायण ;वनवासियों के मुक्ति संघर्ष और विजय की अमरकथा विमर्श/जयराम शुक्ल ------------ ----- ----------------- "रामायण कथा वनवासियों के पराक्रम और अतुल्य सामर्थ्य की कथा...

जानिए भगवान राम के अयोध्या आगमन एवं राज्यभिषेक की कथा

महर्षि वाल्मीकि कृत श्री रामायण जी अनुसार भगवान श्रीरामचंद्र जी महाराज का अयोध्या आगमन- श्री राम जी के अयोध्या आगमन से पूर्व, उनके आदेश अनुसार...

दीपावली विशेष :- दीप” हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है

दीप" हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है ―कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल  भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है हमारे त्यौहार ,दैनंदनी, पूजा-पाठ...
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