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ऊर्जा मंत्री श्री तोमर भोपाल से ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुँचे और ई-रिक्शा से अपने निवास गए

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ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर आज भोपाल से ग्वालियर पहुँचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक के बाहर ई-रिक्शा चालक को देखा, जो यात्रियों की राह देख रहा था। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ई-रिक्शा चालक से पूछा कि न्यू कॉलोनी नम्बर-2 विरला नगर चलोगे क्या, उसने कहा हाँ, ऊर्जा मंत्री रिक्शा में बैठकर अपने निवास पहुँचे। इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन सीएम राइज पटेल स्कूल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने हजीरा सिविल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने विकास कार्यों का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि उपनगर ग्वालियर निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपनगर ग्वालियर और हजीरा क्षेत्र में एक भी रोड कच्ची नहीं रहेगी। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और विद्युत से जुड़े कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने मंगलवार को वार्ड क्रमांक-5 में शील नगर दीक्षित वाली गली में 6 लाख 70 हजार रूपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं वार्ड क्रमांक-8 में चार शहर का नाका स्थित मुक्तिधाम में 76 लाख रूपये की लागत से जीर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि घरों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन हटाने के कार्य का भूमि-पूजन जल्द ही किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कई कॉलोनियों को इसका लाभ मिलेगा।

मंत्री श्री तोमर ने कहा कि नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिये दो सीएम राइज स्कूल बनाये जा रहे हैं। शिक्षा नगर में स्मार्ट स्कूल बनाया जा रहा है। साथ ही रेशम मिल में कन्या हाई स्कूल, डीआरपी लाइन में हाई स्कूल तथा अन्य सरकारी स्कूलों में फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित की जा रही हैं।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपनगर में बेहतर कार्य किया जा रहा है। सिविल अस्पताल बनकर तैयार है, जहाँ जिला अस्पताल के समकक्ष सुविधाएँ मिलेंगी। बहोड़ापुर में 30 बेडेड अस्पताल बनने जा रहा है। साथ ही गेंडे वाली सड़क के उप स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही बिरला नगर प्रसूति-गृह को 50 बेडेड बनाया जा रहा है, जिसमें बच्चों के लिये एसएनसीयू यूनिट भी बनाई जा रही है, जिससे क्षेत्र के नवजात को जेएएच या जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।

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