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1 करोड की बीमा पॉलिसी की रकम के लिये सगे भाई ने भॉजी के साथ मिलकर कर दी छोटे भाई खौफनाक हत्या

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भोपाल। राजधानी के नजदीक विदिशा मे रहने वाले युवक की रायसेन रोड पर स्थित जंगल ले जाकर की गई डेयरी सचालक अखिलेश किरार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। अंधे कत्ल मे हुए रिश्तो को कलंकित करने के खुलासे से पुलिस टीम भी हैरान रह गई। मृतक की हत्या करोड़ रुपए की बीमा पॉलिसी के रुपए की लालच में किसी और ने नही उसके एमबीए पास ऑउट सगे बड़े भाई धीरज ने अपनी 20 साल की बीए कर चुकी भांजी शैलजा के साथ मिलकर की थी। ब्लांइड मर्डर का खुलासा करते हुए अधिकारियो ने बताया कि बीती 8 जनवरी को अज्ञात युवक का शव चिकलोद के पास बंछोड़ के जंगल में मिला था।

शव का फोटो सोशल मीडीया पर वायरल होने के बाद किसी रिश्तेदार ने शव को पहचान कर उसके भाई धीरज को इसकी सूचना दी। मृतक की पहचान विजय नगर कॉलोनी, अहमदपुर रोड विदिशा निवासी अखिलेश किरार पुत्र कालूराम किरार (30) के रुप मे होने के बाद मामले मे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी सुरागशी के प्रयास शुरु कर दिये। पुलिस की शुरुआती जॉच मे सामने आया कि मृतक अखिलेश को अंतिम बार उसके बडे भाई धीरज के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब इस बारे मे धीरज से पूछा तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि उसके भाई ने उसे जंगल में छोड़ देने को कहा था, उसके बाद वह वहां से चला गया था। धीरज की कहानी से पुलिस के गले नहीं उतरी।

इसके बाद तकनीकी पडताल के आधार पर पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे, जिसके बाद पुलिस ने धीरज से पुलिसिया अंदाज मे पूछताछ कि तो उसने खौफनाक हत्याकांड का सारा सच उगल दिया। पुछताछ मे सामने आया कि टीवी पर क्राइम पेट्रोल देखने की शौकीन उसकी भॉजी शैलजा और धीरज ने मिलकर ही अखिलेश की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार मृतक डेयरी संचालक अखिलेश ने 31 मार्च 2018 को 48 साल के लिए बीमा पॉलिसी ली थी। जिसकी वह हर माह 7,839 के करीब प्रीमियम भरता था। उसने नॉमिनी अपनी मां को बनाया था। अखिलेश के भाई धीरज को इसकी जानकारी थी, ओर वो इस रकम को पाना चाहता था। धीरज एमबीए तक पढ़ाई कर चुका था, ओर उसे जुआ खेलने की लत थी। वही बचपन से विदिशा में अपने मामा के घर रहने वाली शैलजा (20 ) को एक्टिंग का बहुत शौक था, और वह मुंबई जाकर हीरोइन बनना हती थी, जिसके लिये उसे पैसौ की जरुरत थी। दोनों ने एक करोड़ रुपए बीमा राशि के लालच में आकर अखिलेश की हत्या की योजना तैयारी कर डाली । पुलिस अधिकारियो के मुताबिक अपने प्लॉन के अनुसार शैलजा और धीरज, अखिलेश को अपने साथ लेकर 8 जनवरी की अलसुबह करीब साढे चार जीप से भोपाल रवाना हुए। जैसै ही वे चिकलोद के पास बंछोड़ के जंगल पास पहुंचे वहॉ योजना के मुताबिक धीरज ने जीप रोकी ओर जीप रुकते ही मौका पाकर पीछे बैठी शैलजा ने ओखली के मूसल से अखिलेश के सिर पर कई वार कर दिये, इससे अखिलेश बेहोश हो गया। दोनों बेहोशी की हालत में उसे खींचते हुए रोड़ से कुछ दूरी पर जंगल में ले गये। उसके बाद नुकीली राड, मूसल और दो किलो के बॉट से कई वार कर उसका सिर कुचलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हत्या के अगले दिन दोपहर के समय कोतवाली पुलिस को चिकलोद के जंगल के में अज्ञात शव पड़ा होने के जानकारी मिली थी। पुलिस ने खुलासा किया कि एक करोड की लालच मे अखिलेश किरार की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी अलीगंज के पास नर्मदा में नदी में स्नान करने के बाद तामोट स्थित ससुराल पहुंचे। उनके कपड़ों पर खून के धब्बे आने के कारण कपड़े भी जला दिए थे। वहीं हत्या में प्रयोग किया गया मूसल सहित दूसरा सामान नदी में फेंक दिया। इसके बाद भाई की अंतिम संस्कार में भी आरोपी शामिल हुआ।

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