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एकनाथ शिंदे पर बरसे जूनियर ठाकरे, बोले- बागियों को सबक नहीं सिखाया, तो मेरा नाम आदित्य नहीं

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मुंबई । महाराष्ट्र में शिवसेना नीत उद्धव ठाकरे की सरकार पर संकट के बादल लगातार गहराते जा रहे है। मामला सोमवार को भले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, लेकिन मुंबई और राज्य में भी दिन भर सियासी गतिविधियां तेज रहीं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी मंत्रियों के विभाग छीनकर अपने दूसरे मंत्रियों में बांट दिए। वहीं आदित्य ठाकरे खुलेआम चुनौती दी कि अगर उन्होंने बागियों को नहीं हराया, तो अपना नाम बदल देंगे।

उधर बीजेपी नेताओं की लगातार चली बैठक के बाद बीजेपी ने ऐलान किया कि वह फिलहाल देखो और इंतजार करो की भूमिका में है। दूसरी तरफ मनसे नेताओं के साथ बैठक के बाद राज ठाकरे ने संकेत दिया कि हिंदुत्व के मुद्दे पर शिवसेना के बागी विधायकों से मनसे का मिलन हो सकता है। बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की जीत करार दिया, वहीं शिंदे समर्थकों ने जश्न मनाया।

एकनाथ शिंदे के शहरी विकास और सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय शिवसेना के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई को दिया गया है। उदय सामंत का उच्च शिक्षा मंत्रालय आदित्य ठाकरे को आवंटित किया गया है। गुलाब राव पाटील का जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्रालय अनिल परब को सौंपा गया है। संदीपन भुमरे का रोजगार गारंटी और बागवानी मंत्रालय तथा दादा भूसे का कृषि एवं पूर्व सैनिक कल्याण मंत्रालय शंकरराव गडाख को दिए गए हैं।

राज्य मंत्री रहे शंभूराजे देसाई के मंत्रालय गृह और ग्रामीण संजय बनसोडे को और वित्त, योजना एवं कौशल विकास विश्वजीत कदम को सौंपा गया है। राज्य मंत्री राजेंद्र पाटील-यड्रावकर के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय विश्वजीत कदम को और मेडिकल शिक्षा एवं कपड़ा प्राजक्त तानपुरे को तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्रालय सतेज पाटील को और सांस्कृतिक मंत्रालय अदिति तटकरे को सौंपे गए हैं।

शिवसेना में बगावत के बाद से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जहां मातोश्री से बैठकर मोर्चा संभाल रहे हैं वहीं आदित्य ठाकरे लगातार पार्टी के निचले कैडर के बीच जाकर शिवसैनिकों और पदाधिकारियों को ‘चार्ज’ करने में लगे हैं। आदित्य ने सोमवार को बागियों को ललकारते हुए कहा, ‘यदि थोड़ी भी लाज, लज्जा, शर्म बची हो तो इस्तीफा दो और फिर से चुनाव जीत कर दिखाओ। यदि बागियों को पराभूत नहीं किया तो आदित्य ठाकरे नाम बदल दूंगा।’ हिंदुत्व के मुद्दे पर बागी गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर के बारे में कहा कि दूसरे राज्य में बैठक हमें हिंदुत्व मत सिखाओ। आज केसरकर बालासाहेब की बात कर रहे हैं लेकिन 2012 में बालासाहेब ठाकरे के निधन के दो साल बाद दीपक केसरकर शिवसेना में आए और हम ही को हिंदुत्व सिखा रहे हैं।

सोमवार की शाम कांग्रेस के नेताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, मंत्री बालासाहेब थोरात, अशोक चव्हाण और नितिन राउत उद्धव से उनके घर मातोश्री जाकर मिले। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि शिवसेना सत्ता में रहे या विपक्ष में, महा विकास आघाड़ी उसके साथ है।

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