सतना में मौसम के मिजाज आखिर बदल ही गए, पारा लुढ़का ठंड बढ़ी

78
0

नवंबर के महीने के आखिरी दौर में सतना में मौसम के मिजाज आखिर बदल ही गए। आसमान में डेरा डाले बैठे बादलों ने पारा लुढ़का दिया है नतीजतन ठंड बढ़ गई है।

पिछले दो दिनों में सतना के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी बादलों का डेरा आसमान पर पड़ा रहा। धूप न निकलने से दिन में भी ठंडक का अहसास होता रहा। अधिकतम तापमान जहां सामान्य से 3 डिग्री नीचे उतर कर 24 तक जा पहुंचा है वहीं न्यूनतम तापमान भी 14 डिग्री तक आ गया है। पारा लुढ़कने और हवा में नमी घुलने के कारण ठंड बढ़ गई है।

मौसम के जानकार बताते हैं कि सतना में मौसम के मिजाज में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का नतीजा है। मप्र के कई क्षेत्रों में जहां बारिश हो रही है वहीं विंध्य क्षेत्र के जिलों में भी मौसम ने करवट ली है। अभी यह स्थिति कई और दिन बनी रह सकती है। संभावना है कि 29 नवम्बर से 2 दिसंबर के बीच कहीं कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।

जानकार बताते हैं कि मौसम में बदलाव के बाद किसानों के चेहरे भी खिल आए हैं। नवम्बर महीने के तीन हफ्ते गुजरने के बाद भी नमी और ठंड की कमी के चलते गेहूं की बोनी पिछड़ रही थी लेकिन अब मौसम अनुकूल हो चला है।

बढ़ा बीमारियों का खतरा

ठंड बढ़ने के साथ ही सब सर्दी जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है जबकि बुजुर्गों के लिए भी यह वक्त खास एहतियात बरतने का है। डॉक्टर्स का कहना है कि ठंड में बीपी, हार्ट अटैक, लकवा, सांस की समस्याएं बढ़ सकती हैं। मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here